Jul 29, 2010
छोटे मियॉं सुभान अल्लाह !!
सुबह 8 बजे से ‘सच्ची सलाह’ शुरू हो जाती है और 3.30 शाम तक चलती है, जी हम बात कर रहे है अपने छोटे परदे के न्यूज चैनलों के विश्लेषको की जो बाजार बंद होने तक सूट-टाई पहन कर अपने अर्जित बाजार नॉलेज को संतो कि तरह बॉटते फिरते है । ऐसी ‘जबरदस्त’ टिप्स अब तो एसएमएस से भी मिलने लगी हैं। पूंजी बाजार नियामक संस्था, सेबी ऐसी टिप्स के बारे में निवेशकों को आगाह कर चुकी है कि इन सबका कोई वैज्ञानिक व ठोस आधार नहीं है। इसलिए इनमें फंस कर निवेशक खुद को अनावश्यक जोखिम में डाल रहे हैं। लेकिन सेबी के पास इन्हें रोकने का कोई जरिया नहीं है क्योंकि यह सुबह से लेकर शाम तक चलनेवाला धंधा है।
पर हम जानना चाहते है कि ये टिप्स देनेवाले यह भी क्यू नहीं बताते कि इस सबका बेस क्या है???
मसलन कंपनी कैसी है, उसके प्रवर्तक कैसे हैं, कंपनी धंधा क्या करती है, इतिहास क्या है और उसका वित्तीय ट्रैक रिकॉर्ड कैसा है।
"अंदरूनी सूत्र व्यापार" के खिलाफ सेबी के नियम बने हुए हैं और यह कानूनन गलत है। ऑपरेटरों का खेल ही ये जो बाजार कि गति को तय करता है । और, हमारे विश्लेषक और बिजनेस चैनल इस खेल में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से मदद करते हैं। एक बिजनेस चैनल में तो कुछ साल पहले मार्केट बैंड के लोगों को इसलिए हटा दिया गया था क्योंकि वे पहले खुद स्टॉक्स को खरीद कर फिर उनमें खरीद की सिफारिश करवाते थे और शेयर के भाव बढ़ते ही उनसे बेचकर निकल जाते थे।
तो भाई लोगों, दिखावो पर मत जाओ अपनी आख कान खुले रख्ने।
SBI Life & Mutual Fund Distributor VSS MARKET COMPLEX, chhend colony Rourkela
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